BooDoo
क्या बनाएँ · 2026-10-17

बेकरी के माल का स्टॉक जानने का ऐप - गिनती किए बिना

आटा, चीनी, मक्खन कितना है - फोन से देख लीजिए, दुकान में गिनती न करें।

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आटा, चीनी, मक्खन कितना है - फोन से देख लीजिए, दुकान में गिनती न करें।

यह किसके लिए है

एक मोहल्ले की बेकरी, आगे काउंटर और पीछे भट्टी। मालिक खुद सुबह आटा गूंधने के वक्त आता है, दो कारीगर और काउंटर पर एक लड़का। दिक्कत शनिवार शाम को पकड़ती है, जब दो बर्थडे केक का ऑर्डर आ जाता है और पता चलता है कि मक्खन सिर्फ एक डिब्बा बचा है और सप्लायर की दुकान बंद हो चुकी है।

आज की परेशानी

हिसाब कॉपी में चलता है, वो भी तब लिखा जाता है जब याद रहे। कारीगर कहता है मैदा खत्म होने वाला है, मालिक गोदाम में जाकर बोरियां गिनता है। कभी एक ही चीज दो बार मंगा ली, वो पड़े-पड़े खराब हुई। कभी खमीर खत्म हो गया और सुबह की ब्रेड नहीं बनी, ग्राहक दूसरी दुकान चला गया। सप्लायर को ऑर्डर आखिरी वक्त पर फोन करके दिया जाता है, और जो माल आया उसका पर्चा कहीं और रखा रह जाता है। महीने के आखिर में मालिक को यही नहीं पता चलता कि पैसा कहां गया।

ऐप क्या करता है, स्क्रीन दर स्क्रीन

  1. आज का स्टॉक — मालिक और कारीगर खोलते ही देख लेते हैं कि मैदा, चीनी, मक्खन, खमीर और बाकी हर सामान कितना बचा है।
  2. माल आया — काउंटर का लड़का या कारीगर सप्लायर से आई बोरी, डिब्बा या पैकेट यहीं दर्ज करता है, ताकि स्टॉक अपने आप बढ़ जाए।
  3. आज क्या लगा — कारीगर दुकान बंद करते समय दिन भर में इस्तेमाल हुआ सामान लिख देता है और स्टॉक उतना ही घट जाता है।
  4. कम माल की चेतावनी — मालिक को एक ही जगह वो सब सामान दिखता है जो तय मात्रा से नीचे आ गया है और आज मंगाना है।
  5. सप्लायर और ऑर्डर — मालिक सप्लायर चुनकर खरीद का ऑर्डर बनाता है और एक बटन से उसके व्हाट्सऐप पर वही ऑर्डर भेज देता है।
  6. मालिक का हिसाब — सिर्फ मालिक देखता है कि किस सामान पर कितना खर्च हुआ, क्या ज्यादा लग रहा है और कौन सा माल पड़ा रह गया।

इसे कौन इस्तेमाल करता है और यह क्या दर्ज रखता है

  • सामान — नाम, किलो या पैकेट में नाप, अभी कितना बचा है, कम से कम कितना रहना चाहिए, कहां रखा है। कारीगर और मालिक दोनों देखते हैं, रेट सिर्फ मालिक को दिखता है।
  • आया हुआ माल — कौन सा सामान, कितना, किस सप्लायर से, किस तारीख को, किसने दर्ज किया और पर्चे की फोटो। दर्ज कोई भी करे, रेट मालिक देखता है।
  • रोज की खपत — कौन सा सामान, कितना लगा, किस दिन, किसने लिखा और क्या बना था। कारीगर लिखता है, मालिक पूरा रिकॉर्ड देखता है।
  • सप्लायर — नाम, फोन नंबर, कौन सा सामान देता है, पिछली बार कब और क्या भेजा था। मालिक रखता है, कारीगर सिर्फ नाम देख सकता है।
  • खरीद का ऑर्डर — किस सप्लायर को, कौन सा सामान कितना, कब भेजा, आया या नहीं। मालिक बनाता है, माल आने पर कारीगर निशान लगा देता है।

कारोबार के लिए क्या बदलता है

सुबह भट्टी चढ़ाने से पहले पता रहता है कि क्या है और क्या नहीं। खमीर या मक्खन खत्म होने की वजह से बनना बंद नहीं होता, और शाम के ऑर्डर मना नहीं करने पड़ते। एक ही चीज दोबारा नहीं मंगाई जाती, इसलिए माल पड़े-पड़े खराब नहीं होता। सप्लायर को ऑर्डर एक दिन पहले चला जाता है, आखिरी वक्त की भागदौड़ और महंगी खरीद बंद हो जाती है। मालिक को गोदाम में जाकर बोरियां गिनने की जरूरत नहीं रहती, फोन पर दिख जाता है।

वह एक फ़ैसला जो मायने रखता है

सबसे बड़ा फैसला यह है कि स्टॉक अपने आप घटे या हाथ से। एक तरीका यह है कि हर केक और हर ब्रेड की रेसिपी ऐप में डाल दी जाए, और बिक्री दर्ज होते ही उसी हिसाब से मैदा, चीनी, मक्खन घट जाए। दूसरा तरीका यह है कि कारीगर दुकान बंद करते समय दिन भर की खपत खुद लिख दे। शुरू दूसरे तरीके से कीजिए। बेकरी में नाप हर दिन थोड़ा ऊपर नीचे होता है, कुछ जल जाता है, कुछ चख लिया जाता है, और रेसिपी वाला हिसाब कुछ ही दिन में असली स्टॉक से अलग हो जाएगा, फिर कोई उस पर भरोसा नहीं करेगा। हाथ से लिखा आंकड़ा सच्चा रहता है। रेसिपी वाला हिसाब बाद में जोड़ा जा सकता है, जब रोज लिखने की आदत बन जाए।

पहले क्या बनाएँ, और क्या बाद में

पहले सिर्फ पांच चीजें बनाइए - सामान की सूची, माल आया, आज क्या लगा, कम माल की चेतावनी और सप्लायर को व्हाट्सऐप पर ऑर्डर। इतने से ही रोज की सबसे बड़ी दिक्कत खत्म हो जाती है। रेसिपी के हिसाब से अपने आप घटना, खराब हुए माल का अलग रिकॉर्ड, दूसरी दुकान का स्टॉक और मुनाफे की रिपोर्ट बाद में जोड़िए। पहले कारीगर को रोज लिखने की आदत पड़ने दीजिए, वरना बड़ा ऐप बनकर खाली पड़ा रहेगा।

BooDoo इसे कैसे बनाता है

आप अपनी भाषा में बता दीजिए कि बेकरी में क्या-क्या रखा जाता है और किसे क्या दिखना चाहिए, BooDoo इसे बना देता है। पीछे असली डेटाबेस और लॉगिन बनता है, जिसमें मालिक, कारीगर और काउंटर वाले को अलग-अलग स्क्रीन मिलती हैं। एक ही बार में एंड्रॉयड ऐप और अपने पते वाली वेबसाइट दोनों मिलते हैं, ऐप को आप अपने गूगल प्ले खाते से डाल सकते हैं। सप्लायर को ऑर्डर भेजने के लिए व्हाट्सऐप बटन जुड़ जाता है। बाद में कुछ बदलना हो तो बोलकर बदल दीजिए। खुद न बनाना चाहें तो BooDoo Launch बनाकर दे देता है।

कैसे पता चलेगा कि यह काम कर रहा है

एक महीने बाद आप पाएंगे कि सुबह भट्टी के पास खड़े होकर यह सवाल नहीं पूछा जाता कि मैदा बचा है क्या। सप्लायर का ऑर्डर एक शाम पहले चला जाता है, और गोदाम में गिनती करने कोई नहीं जाता।

इसे बनाइए

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा।

मेरी बेकरी है, आगे काउंटर और पीछे भट्टी। मुझे एक ऐप चाहिए जिसमें मैदा, चीनी, मक्खन, खमीर, ड्राई फ्रूट जैसा हर सामान किलो या पैकेट के नाप के साथ दिखे कि अभी कितना बचा है। सप्लायर से बोरी या डिब्बा आए तो मेरा लड़का फोन से जोड़ दे और पर्चे की फोटो लगा दे। रात को दुकान बंद करते समय कारीगर लिख दे कि दिन भर में क्या कितना लगा, उतना स्टॉक अपने आप घट जाए। हर सामान पर मैं कम से कम मात्रा तय करूं, उससे नीचे आते ही मुझे चेतावनी मिले। सप्लायर की सूची उनके नंबर के साथ हो, और एक बटन दबाते ही उनके व्हाट्सऐप पर ऑर्डर का मैसेज खुल जाए। मालिक, कारीगर और काउंटर वाले का अलग लॉगिन हो, रेट और खरीद का हिसाब सिर्फ मुझे दिखे। एंड्रॉयड ऐप चाहिए और साथ में वेबसाइट भी जो मैं लैपटॉप पर खोल सकूं।

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा, असली डेटाबेस, साइन-इन और फ़ोन ऐप के साथ। बाद में कुछ भी बदल सकते हैं।

इसी तरह के तैयार ऐप

पहले चलाकर देखिए, फिर अपने वर्कस्पेस में कॉपी करके अपना बना लीजिए।

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