इवेंट में टीम को लाइव निर्देश भेजने का ऐप
स्टाफ को फोन से काम भेजें, वे स्वीकार करें, और आप सब देखें - पूछना न पड़े।
Run the team · Event organiser · India
स्टाफ को फोन से काम भेजें, वे स्वीकार करें, और आप सब देखें - पूछना न पड़े।
यह किसके लिए है
दिल्ली-एनसीआर की एक इवेंट कंपनी — शादियाँ, कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंस, एक्ज़िबिशन। दफ्तर में चार-पाँच पक्के लोग, और हर इवेंट पर तीस-चालीस का स्टाफ: डेकोर, लाइट-साउंड, हाउसकीपिंग, कैटरिंग सर्विस। दिक्कत उस दिन काटती है जब सुबह सात बजे ट्रक वेन्यू पर लगता है, शाम सात बजे मेहमान आने हैं, और मालिक बैंक्वेट के गेट पर खड़े-खड़े फोन घुमाते रह जाते हैं — स्टेज बना या नहीं, कुर्सियाँ गिनी गईं या नहीं, जनरेटर वाला पहुँचा या नहीं।
आज की परेशानी
हमारा पूरा दिन WhatsApp ग्रुप और फोन पर चलता है। ग्रुप में चालीस लोग हैं, मैसेज ऊपर चला जाता है, कोई पढ़ता है कोई नहीं। फिर एक-एक को फोन करना पड़ता है - हो गया, कहाँ हो, किसने किया। चेकलिस्ट कागज़ पर होती है, सुपरवाइज़र जेब में डालकर घर ले जाता है और अगली सुबह वह मिलती नहीं। एक्स्ट्रा मज़दूर या गाड़ी की ज़रूरत पड़े तो कॉल पर मंज़ूरी दे देते हैं, और महीने के आखिर में हिसाब पर झगड़ा होता है क्योंकि लिखा कहीं नहीं। सबसे बुरा यह कि जो काम दो बार बोला गया वह दो लोगों ने किया, और जो एक बार बोला गया वह किसी ने नहीं।
ऐप क्या करता है, स्क्रीन दर स्क्रीन
- इवेंट और टीम की तैयारी (मालिक या मैनेजर) — इवेंट की तारीख, वेन्यू, क्लाइंट और उस दिन की टीम एक जगह दर्ज हो जाती है, ताकि काम बाँटने से पहले सब तय रहे।
- काम भेजने वाली स्क्रीन (मैनेजर) — मैनेजर यहाँ से काम बनाकर स्टाफ के किसी एक को या पूरी टीम को भेजते हैं, जिसमें लिखा रहता है क्या करना है, कहाँ और कब तक।
- मेरा आज का काम (स्टाफ) — स्टाफ के फोन पर सिर्फ उसके अपने काम दिखते हैं, जिन्हें एक टैप में स्वीकार किया जाता है।
- चेकलिस्ट और फोटो (स्टाफ) — साइट पर खड़े-खड़े हर पॉइंट टिक होता है और काम पूरा होने की फोटो लग जाती है, ताकि बाद में कोई सफाई न देनी पड़े।
- मंज़ूरी (सुपरवाइज़र माँगे, मालिक दे) — एक्स्ट्रा मज़दूर, गाड़ी या खर्चे की माँग यहाँ आती है और मालिक फोन उठाए बिना हाँ या ना कर देते हैं।
- दिन का बोर्ड (मालिक) — पूरे दिन का काम एक स्क्रीन पर - क्या भेजा गया, किसने स्वीकार नहीं किया, कौन सा काम अटका है।
इसे कौन इस्तेमाल करता है और यह क्या दर्ज रखता है
- इवेंट — तारीख, वेन्यू और उसका पता, क्लाइंट का नाम और नंबर, उस दिन की टीम। मालिक और मैनेजर को सारे इवेंट दिखते हैं, स्टाफ को सिर्फ वह इवेंट जिस पर वह लगा है।
- टीम के लोग — नाम, फोन नंबर, किस काम का आदमी है - डेकोर, लाइट-साउंड, हाउसकीपिंग, सर्विस - और किस इवेंट पर लगा है। पूरी सूची मालिक और मैनेजर के पास, स्टाफ को अपनी ही जानकारी।
- काम — क्या करना है, वेन्यू में कहाँ, कब तक, किसे दिया गया, और उसकी हालत - भेजा गया, स्वीकार हुआ, चालू है, पूरा हुआ। जिसे काम मिला वही उसे देखता है, मालिक और मैनेजर सब देखते हैं।
- चेकलिस्ट — हर तरह के काम के पॉइंट, किसने टिक किया, कितने बजे, और साथ लगी फोटो। स्टाफ अपना भरता है, मालिक सबका पढ़ सकते हैं।
- मंज़ूरी — क्या माँगा गया, किस इवेंट के लिए, किसने माँगा, हाँ या ना, और कब। माँगने वाला अपनी माँग देखता है, पूरा रिकॉर्ड मालिक के पास रहता है।
कारोबार के लिए क्या बदलता है
इवेंट के दिन पूछताछ बंद हो जाती है। काम भेजा गया, स्वीकार हुआ, और हुआ या नहीं - यह तीनों स्क्रीन पर दिखता है, इसलिए एक ही काम दो लोगों के पास नहीं जाता और कोई काम छूटता भी नहीं। सुपरवाइज़र घर चला जाए, फिर भी चेकलिस्ट और फोटो कंपनी के पास रहती है, तो क्लाइंट कुछ कहे तो जवाब सामने होता है। एक्स्ट्रा खर्चे की मंज़ूरी लिखित हो जाती है, इसलिए महीने के आखिर में हिसाब पर झगड़ा नहीं होता। और मालिक गेट पर फोन घुमाने के बजाय क्लाइंट के साथ खड़े रह सकते हैं।
वह एक फ़ैसला जो मायने रखता है
सबसे बड़ा फैसला यह है कि काम को स्वीकार करना ज़रूरी रखें या नहीं। एक रास्ता - काम भेजा, मान लिया कि पहुँच गया; स्टाफ को कुछ दबाना नहीं पड़ता और सब तेज़ चलता है। दूसरा रास्ता - काम तब तक अटका ही माना जाए जब तक जिसे दिया है वह एक टैप से स्वीकार न कर ले। दूसरा चुनें। इवेंट के दिन असली सवाल यही होता है कि मैसेज किसी ने पढ़ा या नहीं, और सिर्फ भेज देने से इसका जवाब नहीं मिलता। बस इतना रखें कि स्वीकार करना एक टैप का काम हो, और तय समय में स्वीकार न हो तो वह काम मैनेजर के बोर्ड पर लाल दिखने लगे - तब वह फोन करने के बजाय किसी और को दे दे।
पहले क्या बनाएँ, और क्या बाद में
पहले बस इतना बनाएँ - इवेंट, उस दिन की टीम, काम भेजना और स्वीकार होना, साइट की चेकलिस्ट, मंज़ूरी, और मालिक का दिन का बोर्ड। हाज़िरी, दिहाड़ी का हिसाब, वेंडर के पेमेंट, डेकोर के सामान का स्टॉक, क्लाइंट का अपना लॉगिन और महीने की रिपोर्ट बाद के लिए रख दें। इवेंट के दिन टीम के हाथ भरे होते हैं। ऐप उस दिन एक ही काम ठीक से करे, तो लोग उसे चलाएँगे, और बाकी सब बाद में बोलकर जोड़ा जा सकता है।
BooDoo इसे कैसे बनाता है
आप यह सब अपनी भाषा में लिखकर बता देते हैं और BooDoo ऐप बना देता है। पीछे असली डेटाबेस और साइन-इन बनता है, जिसमें मालिक, मैनेजर और स्टाफ को अलग-अलग स्क्रीन दिखती हैं - स्टाफ को सिर्फ अपना काम, मालिक को पूरा दिन। एक ही बात से वेबसाइट अपने लाइव पते पर मिलती है और एंड्रॉइड ऐप भी, जिसे आप अपने ही अकाउंट से Google Play पर डाल सकते हैं। वेन्यू का नक्शा और क्लाइंट से WhatsApp पर बात खोलने वाला बटन तैयार जोड़ से लग जाते हैं। बाद में बदलाव भी बोलकर ही हो जाता है।
कैसे पता चलेगा कि यह काम कर रहा है
इवेंट के दिन मालिक का फोन शांत रहने लगता है। हो गया क्या वाले कॉल बंद हो जाते हैं, और अगली सुबह हर काम के आगे उसका समय और फोटो मौजूद मिलती है।
इसे बनाइए
यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा।
मैं इवेंट ऑर्गनाइज़र हूँ, शादी और कॉरपोरेट इवेंट करता हूँ। मुझे अपनी टीम के लिए ऐप चाहिए जिसमें मैं हर इवेंट बनाऊँ, उस दिन की टीम जोड़ूँ और अपने फोन से काम भेजूँ - जैसे स्टेज सजाना, कुर्सियाँ लगाना, सर्विस शुरू करना - जिसमें लिखा हो क्या करना है, वेन्यू में कहाँ और कब तक। जिसे काम मिले वह अपने फोन पर देखे, एक टैप में स्वीकार करे, साइट पर चेकलिस्ट टिक करे और फोटो लगाए। सुपरवाइज़र एक्स्ट्रा मज़दूर या खर्चे की मंज़ूरी मुझसे माँग सके और मैं वहीं हाँ या ना कर दूँ। मुझे एक बोर्ड चाहिए जिसमें पूरे दिन का काम दिखे, किसने स्वीकार नहीं किया और कौन सा काम अटका है। मालिक, मैनेजर और स्टाफ को अलग-अलग स्क्रीन दिखें। वेबसाइट और एंड्रॉइड ऐप दोनों चाहिए, साथ में वेन्यू का नक्शा और क्लाइंट से WhatsApp पर बात करने का बटन।
यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा, असली डेटाबेस, साइन-इन और फ़ोन ऐप के साथ। बाद में कुछ भी बदल सकते हैं।
इसी तरह के तैयार ऐप
पहले चलाकर देखिए, फिर अपने वर्कस्पेस में कॉपी करके अपना बना लीजिए।
Event ticketing app →