BooDoo
क्या बनाएँ · 2026-10-14

पशु क्लिनिक के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग

ग्राहक अपने फ़ोन से कभी भी समय बुक कर सकते हैं, आपको कॉल का इंतज़ार नहीं।

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ग्राहक अपने फ़ोन से कभी भी समय बुक कर सकते हैं, आपको कॉल का इंतज़ार नहीं।

यह किसके लिए है

शहर के एक मोहल्ले में छोटा पशु क्लिनिक। एक या दो डॉक्टर, एक कंपाउंडर और काउंटर पर बैठने वाला एक लड़का। कुत्ते-बिल्ली रोज़, कभी बकरी या गाय वाले किसान। दर्द तब होता है जब डॉक्टर टेबल पर एक कुत्ते का टाँका लगा रहे हैं और फ़ोन लगातार बज रहा है, और शाम को क्लिनिक बंद होने के बाद भी लोग मैसेज करते हैं कि कल का टाइम मिल जाएगा क्या।

आज की परेशानी

सारी बुकिंग फ़ोन पर होती है और रजिस्टर में पेंसिल से लिखी जाती है। जो वक्त क्लिनिक बंद रहता है, उस वक्त की कॉल कोई नहीं उठाता, और वह ग्राहक दूसरे क्लिनिक चला जाता है। काउंटर का लड़का कभी एक ही समय पर दो लोगों को बुला लेता है, दोनों इंतज़ार में बैठे रहते हैं और नाराज़ होते हैं। मालिक को याद नहीं रहता कि किस कुत्ते का टीका कब लगना है, इसलिए वह विज़िट छूट जाती है। जो लोग समय लेकर आते ही नहीं, उनके बारे में पहले से कुछ पता नहीं चलता, और डॉक्टर का वह समय खाली चला जाता है।

ऐप क्या करता है, स्क्रीन दर स्क्रीन

  1. समय बुक करने का पन्ना — ग्राहक यहाँ दिन और खाली समय देखकर खुद अपॉइंटमेंट लेता है और पालतू का नाम, उम्र और तकलीफ़ लिख देता है।
  2. मेरी बुकिंग — ग्राहक अपने फ़ोन नंबर से लॉगिन करके अपनी बुकिंग देखता है, समय बदलता है या समय रहते रद्द कर देता है।
  3. दिन का कैलेंडर — काउंटर का स्टाफ़ और डॉक्टर एक ही जगह पूरे दिन की बुकिंग देखते हैं, पक्की करते हैं और ज़रूरत पड़ने पर समय आगे-पीछे करते हैं।
  4. पालतू का रिकॉर्ड — डॉक्टर पिछली विज़िट, दी गई दवा और लगे टीके पढ़ते हैं और आज की विज़िट का नोट उसी जगह जोड़ देते हैं।
  5. संदेशों की लिस्ट — स्टाफ़ देखता है कि किसको पक्की होने का, एक दिन पहले का और टीके का संदेश अपने आप चला गया, कौन नहीं आया, और वहीं से दोबारा भेज सकता है या WhatsApp पर बात कर सकता है।
  6. डॉक्टर का समय और छुट्टी — मालिक तय करता है कौन डॉक्टर किस दिन कितने बजे बैठेगा, एक विज़िट को कितना समय देना है, और छुट्टी के दिन बुकिंग बंद रखता है।

इसे कौन इस्तेमाल करता है और यह क्या दर्ज रखता है

  • बुकिंग — दिन और समय, कौन डॉक्टर, पालतू का नाम, क्या तकलीफ़ है, पहली बार आ रहा है या पुराना, और हाल — पक्की, बदली गई, रद्द या नहीं आया। ग्राहक को अपनी ही बुकिंग दिखती है, स्टाफ़ और डॉक्टर को पूरे दिन की।
  • पालतू — नाम, कौन जानवर और नस्ल, उम्र, वज़न, मालिक का नाम और फ़ोन नंबर। मालिक अपने पालतू का ब्यौरा देख सकता है, पूरा रिकॉर्ड डॉक्टर और स्टाफ़ के पास।
  • विज़िट का नोट — किस दिन क्या देखा, क्या दवा दी, अगली बार कब बुलाया। लिखना और पढ़ना सिर्फ़ डॉक्टर और स्टाफ़ के हाथ में, ग्राहक को सिर्फ़ अगली तारीख़ दिखे।
  • टीके — कौन टीका, कब लगा, अगला कब लगना है। ग्राहक को अपने पालतू का, स्टाफ़ को सबका।
  • डॉक्टर और उनका समय — डॉक्टर का नाम, बैठने के दिन और घंटे, एक विज़िट का समय, छुट्टियाँ। बदलना सिर्फ़ मालिक के हाथ में।

कारोबार के लिए क्या बदलता है

रात में, दोपहर की छुट्टी में और भीड़ के वक्त भी बुकिंग आती रहती है, क्योंकि लेने के लिए किसी को फ़ोन उठाना नहीं पड़ता। एक ही समय पर दो लोग नहीं बुलाए जाते, इसलिए बैठकर इंतज़ार करने और बहस करने वाली बात ख़त्म हो जाती है। एक दिन पहले संदेश जाने से लोग भूलते कम हैं और डॉक्टर का समय खाली नहीं जाता। टीके की तारीख़ अपने आप याद दिलाई जाती है, तो वह विज़िट छूटती नहीं। काउंटर का लड़का फ़ोन पर रजिस्टर पलटने के बजाय आए हुए ग्राहक को देख पाता है, और डॉक्टर मरीज़ का पुराना रिकॉर्ड पूछने के बजाय स्क्रीन पर पढ़ लेते हैं।

वह एक फ़ैसला जो मायने रखता है

सबसे बड़ा फ़ैसला यह है कि बुकिंग के वक्त कुछ पैसा एडवांस लें या बुकिंग मुफ़्त रखें। एडवांस लेने से वे लोग छँट जाते हैं जो समय लेकर आते ही नहीं, लेकिन पशु क्लिनिक में लोग पहली बार ऑनलाइन बुक कर रहे होते हैं, और पैसे माँगते ही कई लोग आधे रास्ते में पन्ना छोड़ देते हैं और पुरानी आदत में फ़ोन मिला देते हैं। शुरू में बुकिंग मुफ़्त रखें और नहीं आने वालों को संदेश और काउंटर से एक कॉल से सँभालें। अगर किसी एक सेवा में लोग बार-बार ग़ायब होते हैं, जैसे घर पर विज़िट या नहलाना-ग्रूमिंग, तो बाद में सिर्फ़ उसी सेवा पर एडवांस लगाएँ, पूरे क्लिनिक पर नहीं।

पहले क्या बनाएँ, और क्या बाद में

पहले बस वही बनाएँ जो रोज़ चलता है — खाली समय दिखाना, ग्राहक का खुद बुक करना, अपनी बुकिंग बदलना या रद्द करना, स्टाफ़ का कैलेंडर, और पक्की होने व एक दिन पहले का संदेश। टीके की याद दिलाने वाली बात उसके ठीक बाद जोड़ें, क्योंकि उससे पुराने ग्राहक लौटते हैं। एडवांस पैसा, बिल और दवा का स्टॉक, घर पर विज़िट का नक़्शा और महीने की रिपोर्ट बाद के लिए रखें। जब तक रजिस्टर वाली पेंसिल बंद नहीं हुई, आगे कुछ जोड़ने का फ़ायदा नहीं।

BooDoo इसे कैसे बनाता है

आप अपनी भाषा में लिखकर बता देते हैं कि क्लिनिक कैसे चलता है, और BooDoo इसे बना देता है। पीछे असली डेटाबेस और लॉगिन बनता है, जिसमें ग्राहक, काउंटर का स्टाफ़, डॉक्टर और मालिक को अलग-अलग स्क्रीन दिखती हैं। एक ही बार में अपने पते वाली वेबसाइट मिलती है और Android ऐप भी, जिसे आप अपने Google Play खाते से डाल सकते हैं, और अपना डोमेन जोड़ सकते हैं। संदेश भेजना और WhatsApp का बटन तैयार जुड़ावों से लग जाता है। आगे कुछ बदलना हो तो बस बदलाव बोल दें। कई धंधों के बने-बनाए ऐप चलते हुए देखकर अपने यहाँ कॉपी भी कर सकते हैं।

कैसे पता चलेगा कि यह काम कर रहा है

सुबह काउंटर खुलते ही दिन की लिस्ट स्क्रीन पर तैयार मिलती है और रजिस्टर में पेंसिल से लिखने की ज़रूरत नहीं पड़ती। फ़ोन उठता है तो अक्सर पूछने के लिए नहीं, आ चुकी बुकिंग का रास्ता पूछने के लिए।

इसे बनाइए

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा।

मेरा पशु क्लिनिक है, कुत्ते-बिल्ली और कभी गाय-बकरी भी आते हैं। एक वेबसाइट चाहिए जहाँ पालतू का मालिक फ़ोन से खाली समय देखकर खुद बुकिंग कर ले, पालतू का नाम, उम्र और तकलीफ़ लिखे, और अपने नंबर से लॉगिन करके अपनी बुकिंग देखे, समय बदले या दो घंटे पहले तक खुद रद्द कर दे। काउंटर का स्टाफ़ और डॉक्टर अलग लॉगिन से दिन भर का कैलेंडर देखें, बुकिंग पक्की करें, समय बदलें या रद्द करें, और पुरानी विज़िट, दवा और टीके का रिकॉर्ड पढ़ें। बुकिंग पक्की होने पर, एक दिन पहले और टीके की तारीख़ आने पर संदेश अपने आप चला जाए, स्टाफ़ को हाथ से भेजना न पड़े। स्टाफ़ की स्क्रीन पर सिर्फ़ यह दिखे कि किसको संदेश गया और कौन नहीं आया, और वहीं से दोबारा भेजने या WhatsApp पर बात करने का बटन हो। मालिक डॉक्टर के बैठने का समय, एक विज़िट का समय और छुट्टियाँ सेट कर सके। आगे Android ऐप भी चाहिए।

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा, असली डेटाबेस, साइन-इन और फ़ोन ऐप के साथ। बाद में कुछ भी बदल सकते हैं।

इसी तरह के तैयार ऐप

पहले चलाकर देखिए, फिर अपने वर्कस्पेस में कॉपी करके अपना बना लीजिए।

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