BooDoo
क्या बनाएँ · 2026-10-28

होलसेल में हर दुकान ग्राहक की जानकारी एक जगह रखने का ऐप

हर दुकान मालिक के साथ कब बात की, क्या बेचा, और कितना बकाया है, यह सब एक ऐप में देखें।

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हर दुकान मालिक के साथ कब बात की, क्या बेचा, और कितना बकाया है, यह सब एक ऐप में देखें।

यह किसके लिए है

आप थोक के व्यापारी या डिस्ट्रीब्यूटर हैं। किराना, दवा, हार्डवेयर, कपड़ा या मोबाइल एक्सेसरी का माल शहर और आसपास के कस्बों की दुकानों तक पहुँचाते हैं। गोदाम पर एक मुनीम, बाहर दो-तीन सेल्समैन, और आख़िरी हिसाब आप ही देखते हैं। दिक्कत उस वक़्त पकड़ती है जब किसी दुकानदार का फोन आता है कि मेरा बकाया कितना बोल, और काउंटर पर बैठा आदमी बही पलटता रह जाता है। या सेल्समैन छुट्टी पर है और उसकी डायरी उसके साथ है।

आज की परेशानी

हिसाब बहियों में चलता है और बाक़ी सारी बात फोन में। किस दुकान पर कब गए, क्या रेट बोला, कितना माल उठा, कब पेमेंट का वादा किया — यह सब सेल्समैन की डायरी और व्हाट्सऐप की पुरानी चैट में बिखरा है। दुकानदार कहता है मैंने तो पिछले हफ़्ते पैसे दिए थे, और साबित करने में आधा दिन निकल जाता है। जिन दुकानों पर महीनों से कोई गया ही नहीं, वे चुपचाप दूसरे से माल उठाने लगती हैं और पता तब चलता है जब ऑर्डर आना बंद हो जाता है। सेल्समैन काम छोड़ता है तो उसके साथ पार्टी की सारी जानकारी भी चली जाती है। बकाया वसूली याद के भरोसे चलती है, और याद हर बार साथ नहीं देती।

ऐप क्या करता है, स्क्रीन दर स्क्रीन

  1. सेल्समैन की आज की दुकानें — सेल्समैन के लिए — लॉगिन करते ही उसके इलाके की वे दुकानें सामने आ जाती हैं जहाँ आज जाना है या जिनका फॉलो-अप आज का है।
  2. पार्टी का पन्ना — सेल्समैन और मालिक के लिए — एक दुकान का पूरा ब्योरा एक जगह, यानी नंबर, पता, पिछली मुलाकातें, उठाया हुआ माल, मिली पेमेंट और चलता हुआ बकाया, और साथ में व्हाट्सऐप का बटन।
  3. मुलाकात की एंट्री — सेल्समैन के लिए — दुकान से निकलते ही लिखना कि क्या बात हुई, क्या वादा मिला और अगली बार कब जाना है।
  4. दुकानदार का अपना खाता — ग्राहक यानी दुकानदार के लिए — अपने नंबर से लॉगिन करके अपने बिल, मिली हुई पेमेंट और अपना बकाया ख़ुद देख लेना, और चाहे तो वहीं से भुगतान कर देना।
  5. बिल और पेमेंट की एंट्री — मुनीम के लिए — बेचे गए माल का बिल और आई हुई पेमेंट दर्ज करना, जिसके बाद ही वह दुकानदार के खाते में दिखती है।
  6. मालिक का बकाया बोर्ड — मालिक के लिए — किसका बकाया सबसे पुराना है, किन दुकानों पर बहुत दिनों से कोई गया नहीं, और किस सेल्समैन के फॉलो-अप छूट रहे हैं, यह एक नज़र में देखना।

इसे कौन इस्तेमाल करता है और यह क्या दर्ज रखता है

  • पार्टी यानी दुकान — दुकान का नाम, मालिक का नाम, फोन नंबर, पता और बाज़ार, फर्म का नाम और जीएसटी नंबर, रेट वाली श्रेणी, और कौन सा सेल्समैन देखता है। पूरी सूची मालिक देखता है, सेल्समैन सिर्फ़ अपने इलाके की दुकानें, और दुकानदार सिर्फ़ अपनी एंट्री।
  • मुलाकात और फॉलो-अप — तारीख़, कौन गया था, क्या बात हुई, क्या वादा मिला और अगली बार कब जाना है। यह मालिक और उसी इलाके के सेल्समैन को दिखता है, दुकानदार को नहीं।
  • बिल और पेमेंट — कौन सा माल कितने का गया, बिल की तारीख़ और नंबर, कितना पैसा आया और कब, और कितना बचा है। मालिक और मुनीम सब देखते हैं, दुकानदार अपने वाले देखता है।
  • काग़ज़ात — बिल की कॉपी और खाते का ब्योरा, जो हर दुकानदार के लिए अलग रखा जाता है और उसे अपने लॉगिन में ही दिखता है।
  • स्टाफ — सेल्समैन और मुनीम का नाम, नंबर, उसका इलाका और उसे क्या-क्या करने की छूट है। यह सिर्फ़ मालिक देखता और बदलता है।

कारोबार के लिए क्या बदलता है

पार्टी की जानकारी अब किसी की डायरी में नहीं, आपके काम में रहती है। दुकानदार का फोन आए तो बकाया और पिछला बिल तुरंत बताया जा सकता है, बही पलटने की ज़रूरत नहीं। कौन सी दुकान पर कब जाना है, यह याद पर नहीं छोड़ा जाता, इसलिए पुराने ग्राहक चुपचाप छूटते नहीं। पेमेंट पर हुई बहस कम होती है, क्योंकि दोनों तरफ़ एक ही हिसाब दिख रहा होता है। सेल्समैन बदले तो उसकी जगह आया नया आदमी पहले दिन से पार्टी को जानता है। वसूली पीछे नहीं पड़ती, क्योंकि पुराना बकाया सामने रहता है।

वह एक फ़ैसला जो मायने रखता है

सबसे बड़ा फ़ैसला यह है कि दुकानदार को उसका चलता हुआ बकाया उसके लॉगिन में दिखाएँ या सिर्फ़ बिल की कॉपी। न दिखाने में सहूलियत है, क्योंकि जब तक मुनीम की एंट्री पीछे चल रही हो, आँकड़ा अधूरा दिखता है और दुकानदार सवाल उठाता है। दिखाने में काम का बोझ घटता है, क्योंकि आधे फोन तो इसी एक सवाल के आते हैं। दिखाना चाहिए, पर एक शर्त के साथ — दुकानदार के खाते में वही एंट्री जाए जिसे मुनीम दर्ज कर चुका है, और नीचे साफ़ लिखा हो कि हिसाब किस तारीख़ तक का है। इससे भरोसा बनता है और बहस भी नहीं बढ़ती।

पहले क्या बनाएँ, और क्या बाद में

पहले बस इतना बनाइए — पार्टी की सूची, हर पार्टी का पन्ना, मुलाकात और अगले फॉलो-अप की एंट्री, बिल और पेमेंट का हिसाब, और दुकानदार का अपना खाता देखने की सुविधा। ऑर्डर ऐप से लेना, गोदाम का स्टॉक, सेल्समैन का रास्ता नक़्शे पर, और लंबी-चौड़ी रिपोर्ट बाद के लिए रहने दें। पहले जानकारी एक जगह आनी चाहिए और उस पर भरोसा बनना चाहिए। उसके बाद उसी के ऊपर बाक़ी सब जोड़ा जा सकता है।

BooDoo इसे कैसे बनाता है

आप अपनी भाषा में सादे शब्दों में बता देते हैं कि आपका थोक का काम कैसे चलता है, और BooDoo ऐप बना देता है। पीछे असली हिसाब-किताब रखने वाला ढाँचा और लॉगिन बनता है, जिसमें मालिक, मुनीम, सेल्समैन और दुकानदार को अलग-अलग स्क्रीन दिखती हैं। एक ही बात से वेबसाइट अपने पते पर चालू होती है और एंड्रॉइड ऐप भी मिलता है, जिसे आप अपने ही गूगल प्ले खाते से डाल सकते हैं। हर पार्टी के आगे व्हाट्सऐप का बटन लग जाता है। आगे कुछ बदलवाना हो तो बस बोल देना है।

कैसे पता चलेगा कि यह काम कर रहा है

किसी दुकानदार का फोन आता है कि मेरा हिसाब बता दो, और काउंटर पर बैठा आदमी बही पलटे बिना, आपसे पूछे बिना, उसे पिछला बिल और आज का बकाया बोल देता है। और शाम तक आज के फॉलो-अप वाली कोई दुकान बची हुई नहीं दिखती।

इसे बनाइए

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा।

मेरा थोक का काम है, माल शहर और आसपास के कस्बों की दुकानों को देता हूँ। मुझे ऐसा ऐप चाहिए जिसमें मेरी हर पार्टी का पूरा ब्योरा एक जगह रहे, यानी दुकान का नाम, मालिक का नाम, नंबर, बाज़ार, और उसका चलता हुआ बकाया। मेरे सेल्समैन अपने फोन से लॉगिन करें और अपने इलाके की दुकानें देखें, और दुकान से निकलते ही लिखें कि क्या बात हुई और अगली बार कब जाना है। बिल और आई हुई पेमेंट की एंट्री मुनीम करे। दुकानदार अपने नंबर से लॉगिन करके सिर्फ़ अपने बिल और अपना बकाया देखे और चाहे तो वहीं से पैसे भेज दे। हर दुकान के आगे व्हाट्सऐप का बटन हो जिससे सीधे उससे चैट खुले। मुझे सुबह एक पन्ने पर दिखे कि आज किन दुकानों पर जाना है और किसका बकाया सबसे पुराना है। वेबसाइट भी चाहिए और एंड्रॉइड ऐप भी।

यह अनुरोध चिपकाइए और ऐप बन जाएगा, असली डेटाबेस, साइन-इन और फ़ोन ऐप के साथ। बाद में कुछ भी बदल सकते हैं।

इसी तरह के तैयार ऐप

पहले चलाकर देखिए, फिर अपने वर्कस्पेस में कॉपी करके अपना बना लीजिए।

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